अपने बिज़नॆस को लोन-रेडी बनाइए। ऐसा क्यों और कैसे करना है

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किसी भी बिज़नॆस के लंबे समय के विकास के लिए सबसे ज़रूरी है फाइनैनशियल इंस्टिटूट से क्रेडिट फेसिलिटी और लोन। ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ बैंक और फाइनैनशियल इंस्टिटूट से फंड्स नहीं जुटा पाने की वजह से कई बिज़नॆस आगे नहीं बढ़ पाए हैं। इसलिए अपने बिज़नॆस की क्रेडिट-वर्दीनेस को बढ़ाने के लिए अलग-अलग तरीकों पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है, ताकि सही समय पर लोन मिल सके।

अपने बिज़नॆस के लिए फाइनैन्स जुटाने से पहले आपका सबसे पहला सवाल होगा – आपको लोन की ज़रूरत क्यों है?

बिज़नॆस बढ़ाना, वर्किंग कॅपिटल मिलना, एसेट्स खरीदना, इंवेंट्री, इक्विपमेंट, बिज़नॆस की जगह, ऐसी कुछ बातें हैं जो मन में आती हैं। इन्हीं की वज़ह से आप लोन ले सकते हैं।

एक्पर्ट्स कहते हैं कि मार्केट में “उधार मिलने के अलग-अलग ऑप्शन्स के बारे में पता लगाइए”। इससे आप आधी जंग वैसे ही जीत लोगे क्योंकि इससे आप इस बात पर ख़ास ध्यान दे सकेंगे कि आपकी दरअसल ज़रूरत क्या है।

  1. लोन की ज़रूरत पड़ने पर लोग आम तौर पर लोन देनेवाले इंस्टिट्यूशन्स के पास जाते हैं, जैसे कि पब्लिक सेक्टर बैंक, प्राइवेट सेक्टर बैंक, एनबीएफसी, इत्यादी।
  2. कुछ और ऑप्शन्स हैं पर्सनल लोन, संपत्ती गिरवी रखकर लिया गया लोन, कोलॅट्रल के ऐवज़ में लोन, रेन्ट रीसीवेबल्स के बदले लोन, बैंक के द्वारा दी जानेवाली ओवरड्राफ्ट फैसिलीटी।
  3. व्यावसायिकों और माइक्रो-एस.एम.ई. के लिए ई-लेंडिंग कुछ नए पर्याय उपलब्ध कराता है।

लोन के लिए अप्लाई करने से पहले कई बातें मन में रखनी चाहिए। साथ ही, इस प्रॉसॆस के लिए तैयारी बहुत पहले से शुरू कर देनी चाहिए। कुछ आठ ज़रूरी बातें नीचे दी गयी हैं जिन्हें आपको पक्का करना होगा ताकी आपका बिज़नॆस लोन-रेडी हो-

  1. आई.टी. रिटर्न्स की फाइलिंग – फॉर्म 16 के साथ आपके बिज़नेस के पिछले 3 सालों का इनकम टॅक्स रिटर्न साथ में देना सबसे ज़रूरी है।
  2. बॅलेंस शीट – किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से अपनी बॅलेंस शीट और प्रॉफिट एंड लॉस की स्टेटमेंट बनवाइए। बिज़नेस करनेवालों को इन दो कागज़ात के बारे में बहुत अच्छी तरह पता होना चाहिए। उन्हें इनका पिछले 3 सालों का रेकॉर्ड रखना चाहिए।
  3. यह निश्चित कीजिए कि पहले लिए गए लोन की आपकी पेमेंट हिस्ट्री अच्छी थी, फिर चाहे वो लोन आपने खुद लिया हो या अपनी कंपनी के नाम पर लिया हो। यह चाहे आपका पर्सनल लोन, होम लोन या कोई और लोन हो सकता है, मगर इनका असर आपके क्रेडिट-वर्दीनेस पर पड़ेगा।
  4. अच्छा क्रेडिट स्कोर रखिए – बिज़नॆस लोन पाने के लिए यह ज़रूरी मुद्दा है। अच्छे क्रेडिट स्कोर रखने का मतलब है आसानी से क्रेडिट और लोन फैसिलीटी पाना और यह आपको अपने बिज़नॆस के क्रेडिट-वर्दीनेस को समझने में मदद करेगा। आर.बी.आई. गाइडलाइन्स के मुताबिक बिज़नॆस क्रेडिट स्कोर की रेंज 300 से 900 पॉइंट्स के बीच होनी चाहिए। अगर आपका स्कोर 700 से ऊपर है, तो इसका मतलब है कि आपको या आपके बिज़नॆस को जो क्रेडिट दिया गया था , उसमें आपकी रीपेमेंट हिस्ट्री काफी अच्छी है। बिज़नॆस क्रेडिट स्कोर रिपोर्ट पिछले 36 महीनों की आपकी पेमेंट हिस्ट्री को ट्रॅक करता है, जिसमें आपके या आपके बिज़नेस द्वारा लिए गए बैंक लोन को और क्रेडिट कार्ड पेमेंट हिस्ट्री, इत्यादी को देखा जाता है। अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है, तो उसे बढ़ाने के लिए मेहनत कीजिए। ये आप नीचे दी गयी बातों के द्वारा कर सकते हैं:

    – उधार कम करना

    – यह सुनिश्चित करना कि आप सारी पेंमेंट समय पर करें

    – सही समय पर पेमेंट करने और पेमेंट कलेक्शन के लिए ई-इनवॉइसिंग जैसे ऑनलाईन टूल्स इस्तेमाल करना।

    – बिज़नेस क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करना

  5. अगले तीन सालों के लिए बिज़नॆस प्लान और बिज़नॆस प्रोजेक्शन्स: एक अच्छा बिज़नॆस प्लान होने की वज़ह से आपके देनदार को आपके बिज़नॆस के भविष्य पर भरोसा बढ़ेगा।
  6. देनदारों और लेनदार की लिस्ट: देनदारों और लेनदारों की पूरी लिस्ट से बिज़नॆस और कैश फ्लो के बारे में पता चलेगा।
  7. आपके एकाउंट में पर्याप्त कैश फ्लो – लोन देनेवाली कंपनियाँ यह देखना चाहती हैं कि आपके पास क्रेडिट चुकाने की काबीलियत है। पर्याप्त कॅश फ्लो होने से उनका भरोसा बढ़ेगा और वे आपको क्रेडिट देंगे।
  8. अपने कोलॅट्रॆल्स तैयार रखिए –अचल संपत्ती, जैसे ज़मीन, घर, ऑफिस की जगह, टैंजिबल ऐसेट्स, लिक्विड ऐसेट्स जैसे कि म्यूचुअल फंड, एफ.डी., शेयर्स, इत्यादी।

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